आयु बढ़ने के साथ निदानों की संख्या बढ़ती है और रोगी बहुरोगग्रस्त (पॉलीमॉर्बिड) तथा फ्रेल हो जाते हैं।
जनसंख्या में पॉलीमॉर्बिडिटी और फ्रेल्टी का प्रचलन:
पॉलीमॉर्बिड और फ्रेल रोगियों में एट्रियल फाइब्रिलेशन (AF) का प्रचलन 50–75% है।
> 75 वर्ष के वृद्ध रोगियों में औषधीय उपचार चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि संज्ञानात्मक डिस्फंक्शन के कारण रोगी दवाएँ सही खुराक में नहीं ले पाते, जिससे ओवरडोज़ या अंडरडोज़ का जोखिम उत्पन्न होता है। AF में एंटीकॉग्युलेशन थेरेपी के दौरान इससे रक्तस्राव या थ्रोम्बोएम्बोलिक घटनाएँ, विशेषकर स्ट्रोक, हो सकती हैं।
संज्ञानात्मक डिस्फंक्शन वाले रोगियों में घरेलू उपचार परिजनों या देखभालकर्ता की निगरानी में किया जाना चाहिए।
| वृद्ध रोगी और एट्रियल फाइब्रिलेशन | क्लास |
|---|---|
| >65 वर्ष के संज्ञानात्मक डिस्फंक्शन वाले वृद्ध रोगियों में औषधीय उपचार परिजनों या देखभालकर्ता की निगरानी में दिया जाना चाहिए। | I |
ये दिशानिर्देश अनौपचारिक हैं और किसी भी पेशेवर हृदय रोग विशेषज्ञ संस्था द्वारा जारी आधिकारिक दिशानिर्देशों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। ये केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए हैं।